Piles (बवासीर) एक बेहद आम समस्या है जिसमें गुदा (anus) और मलाशय (rectum) की नसों में सूजन आकर वह गांठ या मस्से के रूप में बाहर या अंदर उभर आती हैं।
भारत में हर 4 में से 1 व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी बवासीर की समस्या होती है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है—
आखिर Piles Me Masse Kyu Bante Hain?
क्या सिर्फ कब्ज जिम्मेदार है, या इसके पीछे और भी गहरे कारण हैं?
यह लेख आपको वैज्ञानिक + आयुर्वेदिक दृष्टि से विस्तार में बताएगा कि बवासीर में मस्से क्यों बनते हैं, कैसे बनते हैं, किन कारणों से स्थिति बिगड़ती है, और इससे कैसे बचा जा सकता है।
⭐ Piles Me Masse Kyu Bante Hain? (Main Scientific Reason)

मानव शरीर में गुदा के आसपास कई छोटी-छोटी blood vessels (रक्तवाहिनियां) होती हैं जो मल त्याग में मदद करती हैं।
जब इन नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो वे फूल जाती हैं, सूज जाती हैं, और समय के साथ गांठ या मस्से का रूप ले लेती हैं।
इन्हें ही piles mass या hemorrhoidal mass कहा जाता है।
✔ मुख्य कारण:
अनियंत्रित दबाव + कमजोर आँतों की नसें → सूजन → मस्से
🔥 1. Chronic Constipation – कब्ज सबसे बड़ा कारण
लगातार कब्ज रहने पर मल त्याग के दौरान व्यक्ति ज़ोर लगाता है।
यह ज़ोर (straining) सीधा प्रभाव डालता है:
गुदा की नसों पर
मलाशय की दीवारों पर
और रक्त प्रवाह पर
जब यह हर रोज होता है, नसें धीरे-धीरे बाहर की ओर आने लगती हैं और मस्से बन जाते हैं।
कब्ज = मस्सों का सबसे बड़ा ट्रिगर
🔥 2. लंबे समय तक बैठना (Especially Toilet पर)
जो लोग:
दिनभर बैठे रहते हैं
टॉयलेट में 15–20 मिनट मोबाइल लेकर बैठते हैं
उनमें गुदा क्षेत्र में रक्त सप्लाई रुकती है और दबाव बढ़ता है, जिससे मस्से बनने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
🔥 3. Pregnancy और Delivery के दौरान मस्से
Pregnancy में:
गर्भाशय का दबाव
हॉर्मोनल बदलाव
कब्ज
ये सभी मिलकर मस्से बनने की बड़ी वजह बनते हैं।
Delivery में जोर लगाने के कारण भी postpartum piles हो सकता है।
🔥 4. Diarrhea (बार-बार दस्त लगना)
सिर्फ कब्ज ही नहीं,
बार-बार दस्त लगना भी अंदरूनी मस्सों का कारण बन सकता है क्योंकि:
बार-बार रगड़
म्यूकस लाइनिंग का पतला होना
सूजन
इनसे नसें कमजोर होकर बाहर आ जाती हैं।
🔥 5. Low-Fiber Diet – फाइबर की कमी
जो लोग रोज खाते हैं:
junk food
deep-fried food
spicy food
कम पानी
उनमें कब्ज की समस्या बढ़ती है और piles mass बनने लगता है।
🔥 6. Obesity (मोटापा)
पेट और पेल्विक क्षेत्र में ज्यादा चर्बी होने से
rectal veins पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे मस्से बनने शुरू हो जाते हैं।
🔥 7. Heavy Weight Lifting
जो लोग:
जिम में भारी वजन उठाते हैं
रोज गाड़ी धक्का लगाते हैं
मजदूरी का भारी काम करते हैं
उन्हें भी strain पड़ने के कारण मस्से होते हैं।
🔥 8. Age Factor – उम्र के साथ नसें कमजोर होना
उम्र बढ़ने पर नसों और connective tissues की मजबूती घटती है, जिससे piles mass आसानी से develop हो जाता है।
⚠️ Piles Me Pain Kyu Hota Hai?

मस्सों के साथ दर्द इसलिए बढ़ता है क्योंकि:
✔ अत्यधिक सूजन
✔ नस में थक्का जमना (Thrombosed piles)
✔ कट लगना
✔ infection
✔ बाहर लटकने वाले मस्से दबना
Internal piles आमतौर पर painless होते हैं,
लेकिन external piles बहुत painful होते हैं।
🩺 Piles Ke Common Symptoms
मल त्याग के दौरान दर्द
खून आना
जलन
गुदा में गांठ
बैठने में तकलीफ
खुजली
म्यूकस आना
बार-बार सूजन
🌿 Ayurvedic View: Piles Me Masse Kyu Bante Hain?

आयुर्वेद में बवासीर का मुख्य कारण है:
अग्नि मंद होना + वात दोष बढ़ना
✔ मंदाग्नि → कब्ज
✔ कब्ज → वायु aggravate
✔ वायु → गुदा क्षेत्र में रुकावट
✔ obstruction → मस्से बनते हैं
🛑 किन लोगों को मस्से जल्दी बनते हैं?
Fast food खाने वाले
कम पानी पीने वाले
दिनभर बैठे रहने वाले
ऑफिस जॉब
Pregnancy
मोटापा
Diabetic patients
Liver disease वाले
Heavy weight lifters
🌱 Piles Me Masse Rokne Ka Ayurvedic Tarika
✔ High-fiber diet
✔ रोज सुबह 2 गिलास गुनगुना पानी
✔ Triphala churna रात को
✔ हर 1 घंटे में 2 मिनट चलना
✔ गर्म पानी की Sitz Bath
✔ मसालेदार खाना कम
✔ वजन कम करना
✔ लंबे समय तक बैठने से बचना
⭐ Conclusion: Piles Me Masse Kyu Bante Hain?
बवासीर में मस्से सीधे तौर पर नसों पर बढ़ते दबाव, कब्ज, गलत जीवनशैली और कमजोर पाचन की वजह से बनते हैं।
यदि समय पर फाइबर, पानी, हल्का व्यायाम और सही आयुर्वेदिक उपचार अपनाया जाए, तो मस्सों को बढ़ने से रोका जा सकता है और दर्द में भी राहत मिल सकती है।